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26 मई को एक साल पूरा कर रही केन्द्र की मोदी सरकार जनता के बीच अपने काम काज का लेखा-जोखा पेश कर सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि जनता में यह सकारात्मक संदेश जाए कि सरकार ने एक साल के कार्यकाल में जनता के हित में काम किए हैं, इसलिए सरकार के सभी मंत्रालयों को अपने कामकाज का एक रिपोर्ट कार्ड तैयार कर प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजना होगा। प्रधानमंत्री कार्यालय में इस रिपोर्ट कार्ड को अंतिम रूप दिया जाएगा और फिर बुकलेट के रूप में वितरित करने की योजना है।

मोदी सरकार 1 अप्रैल से देश में नए नियम लागू करने जा रही है. ये नए नियम नौकरीपेशा लोग द्वारा हर साल दिये जाने वाले टैक्स से जुड़े हैं. क्योंकि, हर नौकरीपेशा व्यक्ति की ये कोशिश होती है कि उसकी मेहनत की कमाई पर जितना संभव हो सके उतना कम टैक्स देना पड़ा. इस साल पेश हुए बजट 2018-19 में इनकम टैक्स स्लैब में हालांकि कोई खास बदलाव नहीं हुआ है. लेकिन, कुछ ऐसे प्रस्ताव दिए गए हैं जो 1 अप्रैल 2018 से लागू हो रहे हैं. अगर आप भी टैक्सपेयर्स हैं तो आपको इन नियमों को जानना जरुरी है.

1 अप्रैल से देश में नए नियम लागू होंगे

to 1 April modi's government is about to apply new rules
देश के 19 राज्यों में इस वक्त बीजेपी की सरकार है. बीजेपी सरकार ने पीछले 3 सालों में कुछ बेहद जरुरी कदम उठाये हैं. जिनका फायदा देश के गरीब, असहाय, वृद्ध और महिलाओं पर पड़ा है. आज हम आपको ऐसे ही कुछ नियम बताने जा रहे हैं जो 1 अप्रैल से देश में नए नियम लागू होंगे.

स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा

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नौकरीपेशा लोगों को 40 हजार रुपए स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ दिया गया है. नौकरीपेशा लोगों को थोड़ी राहत देते हुए मौजूदा टैक्सेबल इनकम में से 40 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन दिया है. इसके अलावा, 1 अप्रैल से म्यूचुअल फंड पर आज जो भी कमाई करेंगे उसपर आपको 10 फीसदी टैक्स देना होगा. इससे आपको स्टॉक्स से होने वाली कमाई पर भी टैक्स देना होगा. लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू हो जायेगा और इससे एक साल से ज्यादा रखे गए शेयरों को बेचने से जितनी कमाई होगी उसपर 10 फीसदी टैक्स लगेगा.

सेस में वृद्धी

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1 अप्रैल से देश में नए नियम लागू होंगे इसमें एक सबसे बड़ा सेस में वृद्धी होना है. मोदी सरकार ने स्वास्थ्य शिक्षा में सेस को 1 फीसदी बढ़ाकर 3 फीसदी से 4 फीसदी कर दिया है. इस बढ़तरी का असर स्वास्थ्य, शिक्षा से लेकर सभी क्षेत्रों पर होगा. इसके अलावा, हेल्थ इंश्योरेंस करने वाली कंपनियां ग्राहकों को प्रीमियम में मिलने वाली छूट में भी बदलाव किया गया है. वित्तवर्ष 2018-19 के आम बजट के मुताबिक अब एक साल से ज़्यादा के लिए ली गई पॉलिसियों की प्रीमियम एक साथ जमा करने पर उतने ही सालों तक छूट मिलेगी.

गरीबों को मिलेंगे ये लाभ

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मोदी सरकार ने इस साल जो बजट पेश किया है उसके मुताबिक, आयुष्मान भारत कार्यक्रम के लिए 1,200 करोड़ रुपये और टीबी को रोगियों के लिए 600 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित है. उज्ज्वला योजना का लक्ष्य बढ़ाकर 8 करोड़ कर दिया गया है. प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत 4 करोड़ घरों में मुफ्त बिजली कनेक्शन देने का लक्ष्य है. स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2 करोड़ शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा गया है. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार 2022 तक हर गरीब को घर मुहैया करने का लक्ष्य है. इसलके अतिरिक्त मोदी सरकार नए नए नियमों से देश की व्यवस्था बदलाव लाने की कोशिश कर रही है. 1 अप्रैल से देश में नए नियम लागू हो रहे हैं इसलिए आपको इनके बारे में जानना बहुत जरुरी है. इसका असर आपके ऊपर पड़ने वाला है.

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