Sharing is caring!

2018 घोटालो के नाम रहेगा। पीएनबी, ओबीस के बाद अब एक और बैंक घोटाले से पर्दा हटा। निरव मोदी के बैंक घोटाले से पर्दा हटने के बाद जहाँ लोगो का भरोस बैंक से हट रहा है, वहीं इस साल का तीसरा बैंक घोटाला साअने आया है।

Image result for canara bank loan fraud हिन्दी

केनरा बैंक ने कोलकाता के कंप्यूटर बनाने वाली कंपनी आरपी इंफोसिस्टम और इसके निदेशकों पर  बैंक लोन के घोटाला का आरोप लगाते हुए सीबीआई मे शिकायत दर्ज़ कि। सीबीआई ने कंपनी और डायरेक्टर शिवाजी पांजा, कौस्तुव रे, विनय बाफना और उपाध्यक्ष देबनाथ पाल और केनरा बैंक के अज्ञात कर्मियों के खिलाफ 780 करोड़ रुपये लोन फ्राड का मुकदमा दर्ज किया है।

Image result for canara bank loan fraud हिन्दी

आरपी इंफोसिस्टम  ने फर्जी स्टॉक पोजिशंस और दूसरे जाली दस्तावेजों के आधार पर बैंकों के कंसॉर्शियम से लोन लिया था। यह लोन केनरा बैंक के अलावा पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला और फेडरल बैंक से भी हासिल किया। इस तरह एक और लोन फ्राड मे पंजाब नेशनल बैंक का नाम आया है जिसने 70 करोड़ रुपये  का लोन दिया था। केनरा बैंक ने 40 करोड़ रुपये का लोन दिया है।

आर पी इंफोसिस्टम के लिए इमेज परिणाम

आरपी इंफोसिस्टम के डायरेक्टर शिवाजी पांजा पर जून 2015 में सीबीआई ने 180 के करोड़ के लोन फ्राड का मामला दर्ज़ किया था। पांजा ममता बनर्जी के करीबी भी है। पांजा पर लोन लेने के लिये शैल कंपनियों को बनाने का भी आरोप है।

आर पी इंफोसिस्टम के लिए इमेज परिणाम

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डेटा के मुताबिक, पब्लिक सेक्टर बैंकों ने 31 मार्च 2017 तक पांच फाइनेंशियल ईयर में 61,260 करोड़ रुपये के 8,670 लोन फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई थी। ऐसे मे आम आदमी पर टैक्स और फीस के नाम पे वसूली करने वाले बैंको पर भरोसा करना बहुत ही मुश्किल हो गया है। 2018 घोटालो के नाम है अब देखना ये है की और कौन से घोटाले और धोखाधड़ी सामने आना बाकी है।

Sharing is caring!