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गुप्ता परिवार भारतीय मूल के दक्षिण अफ़्रीकी व्यापारी परिवार है। परिवार के नामवर सदस्यों में अजय, अतुल और राजेश “टोनी” गुप्ता शामिल हैं। वे उनके दक्षिण अफ़्रीकी राष्ट्रपति जैकब ज़ुमा के साथ विवादस्पद और क़रीबी रिश्ता के लिए कुख्यात है। इस परिवार कंप्यूटर उपकरण, मीडिया और खनन का विशाल व्यवसाय रखते हैं। 1993 में, देश के प्रथम लोकतांत्रिक चुनाव से कुछ ही अरसे पहले इस परिवार ने सहारनपुर, उत्तर प्रदेश से दक्षिण अफ़्रीका स्थानांतरित हो हए। इसके तुरन्त बाद इन्होंने “सहारा कंप्यूटर्ज़” नामक कम्पनी की स्थापना की थी। हाल में वे सहारा एस्टेट, सैक्सिनवर्ल्ड, जोहानिसबर्ग में रहते हैं।

राष्ट्रपति के परिवार को रखा था नौकरी पर

गुप्ता बंधु अतुल, राजेश और अजय कम्प्यूटिंग, खनन, विमानन, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और मीडिया समेत कई क्षेत्रों में कारोबार करता था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार गुप्ता बंधु 75 वर्षीय जैकब जुमा के करीबी मित्रों में से एक थे। राष्ट्रपति जुमा का बेटा, बेटी और उनकी एक पत्नी गुप्ता बंधु की कंपनी में काम भी करते थे। जिसके चलते राष्ट्रपति जुमा पर कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगा, जिसके बाद उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया।

दरअसल, सहारनपुर के रहने वाले गुप्ता परिवार के तीन भाई अजय गुप्ता, अतुल गुप्ता और राजेश गुप्ता का दक्षिण अफ्रीका में कारोबार है। इस परिवार पर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा के साथ मिलकर उनके कार्यकाल के दौरान हुए कथित घोटालों में संलिप्तता के आरोप लग रहे हैं।

दोनों में व्यापारिक संबध सामने आने के बाद दक्षिण अफ्रीका की विशेष फॉक्स पुलिस ने गुप्ता परिवार के दक्षिण अफ्रीका स्थित आलीशान बंगले पर छापेमारी की थी। परिवार के कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया था। हालांकि फिलहाल उत्तराखंड में रह रहे गुप्ता परिवार के मुखिया अजय गुप्ता ने परिवार के किसी भी सदस्य की गिरफ्तारी होने से इनकार किया है।

संवेदनशील एयरफोर्स बेस में उतारा चार्टेड

दक्षिण अफ्रीका में गुप्ता बंधु उस वक्त चर्चा में आ गए, जब 2013 में परिवार की एक शादी में हिन्दुस्तान से मेहमान बनकर गए 211 लोगों में आजम खान और शिवपाल यादव भी शामिल थे। जिनको हिन्दुस्तान से ले जाने वाल चार्टेड देश के सबसे संवेदनशील एयरफोर्स बेस वॉटर्कलूफ में उतार दिया गया। जिसकी अनुमति राष्ट्रपति ने स्वयं दी थी। जिसके बाद दक्षिण अफ्रीका की राजनीति में तूफान आ गया था। साथ ही मीडिया का एक धड़ा गुप्ता बंधुओं के पीछे पड़ गया।

इस पूरे घोटाले का खुलासा तब हुआ जब 2017 में एक लाख से अधिक ईमेल लीक हुए। जिसके बाद राष्टपति जैकब जुमा और गुप्ता बंधुओं के बीच हुई साठगांठ का खुलासा हो गया। इसके बाद गुप्ता परिवार और राष्ट्रपति जैकब ज़ुमा के ख़िलाफ़ द. अफ्रीका में लोगों ने प्रदर्शन शुरु कर दिया और दोनों का नाम ‘ज़ुप्ता’ दिया।

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