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आज हम आपको बताने जा रहे ऐसे घोटाले के बारे में जिससे आप अनजान नहीं है.नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चौकसी ने लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) के जरिए पंजाब नेशनल बैंक में 11,300 करोड़ रुपये का घोटाला कर डाला. देश के सबसे बड़े बैंकिंग फ्रॉड के बाद दोनों फरार हैं, लेकिन बैंकों का कर्ज लेकर भाग जाने का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले लिकर किंग (शराब कारोबारी) विजय माल्या भी ऐसा कर चुके है. वहीं, आपको जानकर हैरानी होगी की देश के एक प्रधानमंत्री भी पीएनबी का कर्ज नहीं चुका पाए थे. अगली स्लाइड में जानते है कौन से प्रधानमंत्री नहीं चुका पाए थे पीएनबी बैंक का कर्ज…

आज देश में नीरव और माल्या जैसे लोग मौजूद है, जो बैंकों से कर्ज के नाम पर पैसा तो लेते हैं, लेकिन उस पैसों को वापस करने के बजाय देश छोड़ के भाग जाते हैं। ऐसे लोगों को भारतीय भाषा में भगौड़ा कहा जाता है। लेकिन ऐसा नहीं है कि हर कोई बैंक से कर्जा या लोन लेकर भाग जाता है। बताते चलें कि मन में अगर सच्चाई हो तो कोई इंसान कर्ज चुकता करता ही है। यहां आज हम आपको पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री के बैंक कर्ज के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी भरपाई वो नहीं कर पाएं तो क्या हुआ उनकी पत्नि ने तो किया।

अगर लाल बहादुर शास्त्री की पत्नी चाहती तो वो बैंक का कर्ज वापस नहीं कर सकती थी, लेकिन वो भी अपने पति की तरह ईमानदारी और सादगी में विश्वास करती थी। पूर्व पीएम लाल बहादुर के निधने के बाद उनकी विधवा पत्नी ने अपने पेंशन से बैंक का कर्ज चुकाया, जोकि सच्चाई और सादगी की मिसाल कायम करती है। पंजाब नेशनल बैंक में हुए सबसे बड़े घोटाले ने देश की छवि को तार तार कर दिया, लेकिन पंजाब नेशनल एक ऐसा बैंक हैं, जहां अगर नीरव जैसे लोग है तो वहीं लाल बहादुर की पत्नी जैसे ईमानदार भी है।

अनिल शास्त्री ने बताया था कि प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उनके पिता के पास कार नहीं थी, जब वह प्रधानमंत्री बने तो परिवार के सदस्यों ने उनसे कार खरीदने के लिए आग्रह किया और उन्होंने अपनी सचिव को फिएट कार की कीमत पता करने के लिए कहा. सचिव ने कार की कीमत 12000 रुपए बताई. उस समय शास्त्री जी के पास लगभग 7000 रुपए पड़े थे और बाकी की कीमत अदा करने के लिए उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक से 5000 रुपए का लोन लिया था.

कार तो मिल गई लेकिन शास्त्री परिवार में कुछ ही समय बाद मातम छा गया क्योंकि लाल बहादुर शास्त्री जी का निधन हो गया था। ऐसे में बैंक का कर्ज पूरा भी नहीं हुआ था, लेकिन पूर्व पीएम की पत्नी को पेंशन मिलता था, जिससे उन्होंने बैंक का कर्ज चुकाया। ऐसे मे अगर सच्चाई और ईमानदारी हो तो नीरव जैसे लोग भारत देश को लूट नहीं सकते हैं.

 ऐसा कहा जाता है कि लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के बाद पंजाब नेशनल बैंक ने कार के लिए दिए कर्ज को वापस लेने के लिए उनकी पत्नी ललिता शास्त्री को लिखा था. उनकी पत्नी ने अपनी पेंशन से कार की सारी किस्तें लौटा दी थी. 11 जनवरी 1966 को उज्बेकिस्तान के ताशकंत में लाल बहादुर शास्त्री का निधन हो गया था

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