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आपको बता दें कि वह जिसने अपने साहस और पराक्रम के वजह से अमरत्व प्राप्त किया।1857 में हुए उठाव में सबसे पहले जिसका नाम लिया जाता है उसी का नाम है झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई. झाँसी की रानी  नामक टीवी शो आपने देखा ही होगा उस शो में झाँसी की रानी के बचपन का रोल करने वाली लड़की का नाम उल्का गुप्ता था।आपको बताने चलें कि उल्का गुप्ता जब मात्र 11 साल की थी तब उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई के बचपन का रोल किया था लेकिन  अब उल्का 20 साल को हो चुकी हैं। अब उल्का सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव भी रहती हैं। और उल्का अब फिल्मों में भी काम करने लगी हैं।

आप ये जानकर हैरान रह जायेगे कि उल्का गुप्ता को सावली होने के कारण ऑडिशन से हमेशा रिजेक्ट कर दिया जाता था। लेकिन उल्का ने हार नहीं मानी और अपने आप को सिध्द कर के दिखाया।झाँसी की रानी शो के अलावा उल्का ने रेशम  डंक शो में भी अपने किरदार को अच्छे से निभाया है.

लक्ष्मीबाई का जन्म वाराणसी  जिले के भदैनी नामक नगर में 13 नवम्बर 1835 को हुआ था। उनका बचपन का नाम मणिकर्णिका था परन्तु प्यार से उन्हें मनु कहा जाता था। उनकी माँ का नाम भागीरथीबाई तथा पिता का नाम मोरोपन्त तांबे था। मोरोपन्त एक मराठी थे और मराठा बाजीराव की सेवा में थे। माता भागीरथीबाई एक सुसंस्कृत, बुद्धिमान एवं धार्मिक महिला थीं। मनु जब चार वर्ष की थी तब उनकी माँ की मृत्यु हो गयी। क्योंकि घर में मनु की देखभाल के लिये कोई नहीं था इसलिए पिता मनु को अपने साथ पेशवा बाजीराव द्वितीय के दरबार में ले जाने. लगे। जहाँ चंचल एवं सुन्दर मनु ने सबका मन मोह लिया। लोग उसे प्यार से “छबीली” कहकर बुलाने लगे। मनु ने बचपन में शास्त्रों की शिक्षा के साथ शस्त्रों की शिक्षा भी ली.झाँसी 1857 के संग्राम का एक प्रमुख केन्द्र बन गया जहाँ हिंसा भड़क उठी। रानी लक्ष्मीबाई ने झाँसी की सुरक्षा को सुदृढ़ करना शुरू कर दिया और एक स्वयंसेवक सेना का गठन प्रारम्भ किया। इस सेना में महिलाओं की भर्ती की गयी और उन्हें युद्ध का प्रशिक्षण दिया गया.

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