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नक्सली आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुके हैं । रेल पटरियाँ उड़ाना, सुरक्षा बलों पर हमला एवं बैंक लूट में भी नक्सली शामिल हो गए हैं । हद तो तब हो गई जब नक्सलियों ने बिहार के जहानाबाद जेल पर हमला कर उसमें बंद अपने साथियों को छुड़ा लिया ।

ग्रामीण क्षेत्र में नक्सलवाद ने सामाजिक तनाव का रूप ले लिया है । समृद्ध भूमिपतियों का शहरों की ओर पलायन हो रहा है । इससे खेती चौपट हो रही है । जमीन पर अधिकार को लेकर जातीय संघर्ष भी बड़े हैं साथ ही हिंसक संघर्ष भी देखने को मिल रहे है ।

नक्सलियों के बढ़ते प्रभाव व हिंसा को देखते हुए अब उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाने की आवश्यकता है । नक्सलवाद से निपटने के लिए सरकार सेना के इस्तेमाल पर भी विचार कर रही है । सैन्य विशेषज्ञ मानते हैं कि सेना को नक्सल ऑपरेशनों में सीधे शामिल किए बिना परोक्ष तौर पर ही जरूरी मदद ली जानी चाहिए । स्थानीय पुलिस बलों, एसपीओ और नक्सल विरोधी टास्कफोर्स को प्रशिक्षण देने में सेना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है ।

यूं तो सोशल मीडिया में दिन भर कुछ न कुछ शेयर और लाइक होता रहता है। कुछ ऐसे होते हैं जो आपको हमें हंसाते हैं। कुछ ऐसे भी होते हैं जो जगाने का काम करते हैं। लेकिन इन दिनों एक ऐसा वीडियो सामने आया है । जो देश के लिए बेहद खतरनाक है। ये खतरनाक ही नहीं देश की अस्मिता के लिए भी खतरा है। क्योंकि इन वीडियो में वो हरकत की जा रही है। जिसका असर हमारी पीढ़ियों में पड़ता है। साथ ही देश के भविष्य को बर्बाद किया और नौनिहालों में जहर भरा जा रहा है।

जी हां सोशल मीडिया में इन दिनों एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसको देखकर आपको विश्वास नहीं होगा की। ऐसी हरकत हिन्दुस्तान की सरजमीं पर हो रही है। दरअसल इस वीडियो में एक शिक्षक आदिवासी बच्चों को नक्सली बनने की शिक्षा दे रहा है। वीडियो में देश के पहले प्रधानमंत्री समेत कई लोगों पर अभद्र टिप्पणियां की जा रही है।

क से ‘कानून’, A से ‘आदिवासी’, ख से खनिज

वीडियो में कुछ जातियों को भी दिकू बताते हुए यानी की उन्हें विदेशी पढ़ाया जा रहा है। दरअसल इस स्कूल में बच्चों को ग्राम सभा की तरफ से जारी पाठ्यक्रम पढाया जा रहा है। बच्चों के दिमाग में वही बातें डाली जा रही हैं। जो हिन्दुस्तान से बगावत करने के लिए मजबूर हो जाए। स्कूल में पढ़ाया जा रहा है कि- क से कानून। इसकी व्याख्या है- आदिवासियों के पास अपना कानून है। जिसका पालन करना है।

च से चोर, चाचा नेहरू चोरों का प्रधानमंत्री था

ये वीडियो झारखंड के एक गांव का है। जहां आदिवासी और पिछड़ी जाति के लोग रहते हैं। जो कि पत्थलगड़ी कर रहे है। पत्थलगड़ी यानी आदिवासियों का कानून के मुताबिक चलने के लिए प्रेरित किया जा रहा। साथ ही हिन्दुस्तान के कानून को बेकार बता रहे हैं। इस पाठ्यक्रम में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू तक के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की गई है। टीचर कैमरे में चाचा नेहरू को चोरों का प्रधानमंत्री बताया जा रहा है। वही शिक्षा बच्चों को दी जा रही है।

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