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हर कोई एक दूसरे को नए साल की बधाईयाँ दे रहा होता है. आतिशबाजी होती है, गाना बजाना होता है. नया साल सब के लिए एक नई उमंग ले कर आता है. पर क्या समूची दुनिया एक ही तरह से नया साल मनाती है?

31 दिसंबर की रात पूरी दुनिया जश्न में डूबी रहती है.

ऐसी परम्पराएं हैं जिनके बारे में आपने शायद ही सुना होगा–

जमीन पर आइसक्रीम गिराना (स्विट्जरलैंड)

कहते हैं कि हर नए साल पर स्विट्जरलैंड के लोग आइसक्रीम को जमीन पर गिराने का अपना रिवाज पूरा करते हैं. माना जाता है कि इसके ऐसा करने से नया साल बहुत अच्छा बीतता है. नए साल के दिन सब आइसक्रीम खरीद के उसे जमीन पर गिरा के अपना रिवाज पूरा करते हैं.

यहाँ पर लोगों को आइसक्रीम खाने से ज्यादा उसे गिराना पसंद है.

नूडल खाओ,घंटी बजाओ (जापान)

रात को जापान में एक और परंपरा पूरी की जाती है. देर रात को मंदिर की घंटी बजाई जाती है वह भी 108 बारी. इसके साथ ही जापान के लोग पिछले साल को अलविदा कहते हैं और सुबह नए साल का स्वागत करते हैं.जी हाँ! जापान में लोग न्यू इयर को कुछ इसी तरह मनाते हैं. 31 दिसंबर की रात को पहले तो हर कोई अपने घर में ‘बकवीट नूडल‘ बनाता है. यह एक पारंपरिक जापानी नूडल है. यह काफी लंबी बनाई जाती है. कहते हैं कि लोग इसे अक्सर शाम के नाश्ते या फिर रात के खाने के तौर पर खाते हैं.

परम्पराओं की राह (इंडिया)

यूँ तो पूरी दुनिया की तरह भारत में भी कई लोग 31 की रात को न्यू इयर मनाते हैं, लेकिन इसके अलावा भी भारत में कई और तरह के नए साल मनाए जाते हैं. जैसे पंजाब में बैसाखी के दिन नया साल मनाया जाता है. बंगाल में अप्रैल के महीने में पोइला बैसाख मनाया जाता है नए साल के रूप में. ऐसे ही कई और तरह से भारत में नए साल को मनाया जाता है.

घर की सजावट करना (चीन)

हालाँकि, बाकी देशों की तरह चीन भी 31 दिसंबर को नया साल मनाता है, लेकिन उनके लिए ज्यादा खास अपना नया साल होता है जो फरवरी मध्य में आता है. लाल लैंप घर के अंदर रखे जाते हैं. जैसे ही अँधेरा होता है पूरे चीन में पटाखों का शोर गूंजने लगता है. चीनी धारणाओं के मुताबिक पटाखों के जरिए लोग अपनी बुरी किस्मत को दूर भगाते हैं और अच्छी किस्मत का स्वागत करते हैं.

कब्रिस्तान में रात गुजारना (चिली)

माना जाता है कि चिली की एक पुरानी प्रथा के अनुसार वहां के लोग न्यू इयर की रात अपने पास के कब्रिस्तान में रह के गुजारते हैं! यह कई लोगों को सुनने में थोड़ा अजीब लगेगा, लेकिन इसके पीछे भी एक वजह है.माना जाता है कि वह उनके पास जा के नया साल मनाते हैं. यह उन्हें भी पता होता है कि वह जिंदा नहीं हैं फिर भी वह उनके प्रति अपना प्यार व्यक्त करने वहां जाते हैं. वह कब्र के पास खाना और शराब ले के जाते हैं और उन्हें भेंट करते हैं

बुर्ज खलीफा की आतिशबाजी (दुबई)

माना जा रहा है कि ‘द दुबई फाउंटेन’ के पास एक खास वाटर-म्यूजिक परफॉरमेंस की जाएगी. दुबई की मशहूर बिल्डिंग बुर्ज खलीफा पर खास आतिशबाजी का नजारा लोगों को देखने को मिलेगा. पूरा बुर्ज खलीफा पटाखों की गूंज और चमक से भर जाएगा. कहते हैं कि बुर्ज खलीफा का यह नजारा बहुत ही दिलकश होता है.दुबई में न्यू इयर का जश्न किसी फेस्टिवल के जैसे मनाया जाता है. 2018 में भी दुबई में एक अलग ही अंदाज में नए साल का स्वागत किया जाएगा

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