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दुनिया में गरीबी कम नहीं है हर जगह गरीबी ही है लोग सडको पर भिक माग रहे है कड़ी धुप में सिग्नल में खड़े हो रहे है आज हम आपको इस तस्वीर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे जानने के बाद आप भी हैरत में पड़ जायेंगे. बता दें सीरिया में इस समय गृह युद्ध चल रहा है. इस युद्ध की वजह से आम लोगों की जिंदगी में उथल-पथल मची हुई है. इस युद्ध की वजह से लोग अपने देश को छोड़कर आस-पास के देशों में शरण ले रहे हैं. यहां से गये ऐसे कई लोग लेबनान के शहर बेरुत में हैं जो सड़कों में पर ही अपना जीवन गुजारने को मजबूर हैं. इसके लिए वह वहां छोटे-मोटे काम करके अपना और अपने बच्चों का पालन पोषण कर रहे हैं.आपकी जानकारी के लिए बता दें ऐसा ही कुछ इस शख्स के साथ हुआ जो वहां छिडे गृह युद्ध को लेकर अपनी बेटी को लेकर बेरुत आ गये थे. अपना पालन पोषण करने के लिए वह बेरुत की सड़कों पर घूम-घूम कर पेन बेचना शुरू कर दिया. लेकिन अपनी बेटी को गोद में लेकर पेन बेचने की इस तस्वीर ने उनकी जिंदगी बदल दी. ये फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही थी और सभी लोग इस फोटो पर अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहे थे.

फोटो में आप सभी भी देख सकते हैं कि कैसे तपती दोपहरी में घूम-घूमकर अब्दुल नाम का यह शख्स अपनी बेटी को कंधे पर टांगकर पेन बेच रहा है. किसी शख्स ने अब्दुल का यह फोटो सोशल मीडिया पर डालते हुए लिख दिया कि एक पिता का यह हाल देखकर आपका दिल पसीज जायेगा बता दें वायरल हो रहे इस फोटो को नॉर्वे के एक जर्नलिस्ट गिसर सिमोनारसन ने ट्विटर पर @buy_pens के नाम से अकाउंट बनाया और अब्दुल को फंडिंग के लिए अपील की जिसके बाद लोगों का दिल पसीज गया. उन्होंने 5000 डॉलर का लक्ष्य दिया लेकिन लोगों ने 1 लाख 90 हजार डॉलर का सहयोग दे दिया. भारतीय करेंसी के अनुसार 1 करोड़ 25 लाख है. इस पैसे से अब्दुल ने अपना बिजनेस शुरू किया. इसी के साथ उन्होंने अपने जैसे कई रिफ्यूजी की भी मदद करते हुए उन्हें अपने यहां नौकरी के लिए रख लिया.आज अब्दुल एक अच्छी जिन्दगी जी रहा है और उसकी बेटी की लाइफ पूरी चेंज हो गयी है.

 

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