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हम सभी गर्मियों में फ्रिज का ठंडा पानी पीते हैं और जब यह न मिले तो बर्फ डालकर पानी पीते हैं। लेकिन स्टडीज यह कहती हैं कि बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीने से खाने के डाइजेशन में दोगुना समय लगता है। इससे कई हेल्थ प्रॉब्लम्स होने लगती है.यूं तो, बर्फ का या ठंडा पानी पीने से आपको अस्थायी राहत तो मिलती है लेकिन नियमित रूप से बर्फ का पानी पीने से आपको कई नुकसान हो सकते हैं। चलिए जानते हैं गर्मियों में ठंडा पानी पीने से आपको ये चार समस्याएं हो सकती हैं।

अनुचित पाचन क्रिया –

हमारे शरीर का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस होता है, ऐसे में अगर हम कुछ भी बहुत अधिक ठंडा या गर्म खाते या पीते हैं तो इसे हमारे शरीर के तापमान के साथ संतुलित होने में काफी समय लग जाता है. विशेषज्ञ बताते है कि बहुत ठंडा पानी या कोई भी ड्रिंक आपकी रक्त वाहिकाएं को प्रभावित करता है, जिसका सीधा असर हमारी पाचनक्रिया पर पड़ता है. जिस कारण आपकी पाचन क्रिया उचित तरह से काम करना बंद कर देती है. इसलिए ठन्डे पानी से परहेज़ करने की सलाह दी जाती है.

stomach pain
गले में खराश का खतरा-
 ठंडा पानी पीने से रेस्परटरी म्यूकोस का निर्माण हो सकता है, जो रेस्परटरी ट्रैक्ट की सुरक्षात्मक परत है। जब यह परत प्रभावित होती है, तो रेस्परटरी ट्रैक्ट भी प्रभावित होती है और इससे विभिन्न इन्फेक्शन व गले की खराश का खतरा होता है.
हार्ट रेट कम होती है-
 अध्ययनों से पता चला है कि बर्फ का पानी वैगस (vagus) तंत्रिका को उत्तेजित करता है। वैगस तंत्रिका 10 वीं कपाल तंत्रिका है और यह बॉडी के ऑटोमोनस नर्व सिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो शरीर की अनैच्छिक क्रियाओं को नियंत्रित करता है। वैगस नर्व हार्ट रेट को कम करने और बर्फ का पानी तंत्रिका को उत्तेजित करता है जिस वजह से हार्ट रेट घट जाती है।
फैट को बढ़ाता है-
विशेषज्ञ बताते है कि अगर आप खाने के तुरंत बाद पानी पीते है तो यह आपके शरीर में जाने वाले खाने को पाचन क्रिया तक जाने से रोकता है और उस खाने को जमा देता है, जिससे हमारे शरीर में फैट की मात्रा बढ़ जाती है और हमें मोटापे जैसी बीमारी होने की संभावना हो जाती है. यही कारण है कि डाइटिशियन खाने के तुरंत बाद पानी पीने से मना करते हैं.

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