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सी बी आई ने एक बडा कदम उठाते हुए 3,695 करोड के बैंक डिफाल्ट के लिये Rotomac Pens के मालिक विक्रम कोठारी और उसके बेटे राहुल कोठारी को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफतारी ऐसे समय पर हुई है जब देश मे गहना व्यापारी निरव मोदी के 11 हजार करोड के बैंक घोटाले ने बैंको पर से भरोसा कम कर दिया है।

इस मामले मे सी बी आई तीन दिनो से विक्रम कोठारी और उसके बेटे राहुल कोठारी से पुछताछ कर रही थी। गुरुवार को विक्रम कोठारी और राहुल कोठारी को गिरफ्तार कर लिया गया, शुक्रवार को दोनो को दिल्ली के पटियाला कोर्ट हाउस मे पेश किया गया।

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2008 से सात अलग अलग बैंको से करीब 2,919 करोड रुपयो का कर्ज़ लिया गया जो सुद समेत 3,695 करोड बकाया है। विक्रम कोठारी  कि पत्नी साधना कोठारी से भी पुछताछ चल रही  है।

कंपनी के सभी डायरेक्ट भी शक के घेरे मे है। ऐसा माना जा रहा है की कुछ फर्ज़ी कंपनीयो का भी खुलासा हो सकता है। निरव मोदी के बैंक घोटाले के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा ने सी बी आई को कोठारी परिवार पर बैंक डिफाल्ट का एफ आई आर दर्ज़ किया।

किस बैंक से लिया कितना पैसा

कोठारी पर बैंक ऑफ इंडिया का 754.77 करोड़, बैंक ऑफ बड़ौदा का 456.63 करोड़, इंडियन ओवरसीज बैंक का 771.07 करोड़, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का 458.95 करोड़, इलाहाबाद बैंक का 330.68 करोड़ रुपए, बैंक ऑफ महाराष्ट्र का 49.82 करोड़ रुपए, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का 97.47 करोड़ रुपए बकाया है।

और क्या कदम उठाए गए है

ईडी ने भी उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। ईडी के आदेश पर कोटक महिंद्रा बैंक में विक्रम और रोटोमैक के चालू खातों से निकासी पर पाबंदी लगा दी गई थी। आयकर विभाग के आदेश पर रोटोमैक ग्रुप के सारे बैंक खाते सीज कर दिए गए थे।

कहीं ये भी विदेश ना भाग जाए

विजय माल्या और निरव मोदी के देश छोड कर भाग जाने के बाद यह डर था की कोठारी भी विदेश ना भाग जाए। प्रवर्तन निदेशालय ने कोठारी और उनके परिवार पर जमीन, समुद्र और हवाई मार्ग से भारत से बाहर जाने पर रोक लगा दी थी।

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