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अगर आप किसी बच्चे को गली, पार्क या शॉपिंग सेंटर में सरेआम उकड़ूं बैठकर शौच कर देखें तो आप क्या सोचेंगे? चीन में ऐसा होते दिखना आम बात है। बच्चों को चलने-फिरने में दिक्कत न हो इसलिए चीन के बहुत से लोग उन्हें एक तरह की पारंपरिक ड्रेस पहनाते हैं, इसे ‘कई डांग कू’ कहा जाता है। यह एक खास तरह की पैंट होती है जिसके पिछले हिस्से में बड़ा से छेद होता है।

चीन में ये चलन बहुत समय से चलता आ रहा है और इसका चलन अभी भी ख़तम नहीं  हुआ है.विदेशियों को इस तरह की पैंट का कोई मतलब समझ नहीं आता। बाहर से आए ज्यादातर लोगों को यही लगता है कि ये अच्छी आदत नहीं है और इससे बच्चों को परेशानी होती है। ब्राजील से हाल ही में बीजिंग शिफ्ट हुए एक वकील ने बताया कि पिछले हफ्ते मैं बीजिंग के एक महंगे शॉपिंग सेंटर गया था।

चीन में लोगो का मानना है की बच्चा इससे जल्दी बाथरूम जाना शिख जाता है.चीन में ये पहनावा लोगो के ध्यान में इस कदर आ रहा है की इसकी फोटो सोशल  मीडिया पर खूब वायरल हो रहे है.

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,सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी और बदबू फैली रहती है जो बीमारियों को जन्म देती है। इस मामले में शहरों के मुकाबले चीन के गांवों की स्थिति ज्यादा खराब है।

दुनिया में इस मुद्दे पर विवाद हो रहा है कि क्या ‘कई डांग कू’ का इस्तेमाल पर्यावरण के लिए अच्छा है या नहीं, कहा जा रहा है कि इसके इस्तेमाल से कई टन कूड़े का खतरा कम हो रहा है। कई यूरोपीय देशों में भी अब लोगों से कहा जा रहा है कि वो बच्चों को कपड़े के डायपर पहनाएं। हालांकि अब चीनी डॉक्टर ये मानने लगे हैं कि डिस्पोजेबल डायपर का इस्तेमाल करना ज्यादा अच्छा है। बशर्ते उन्हें जल्दी-जल्दी बदला जाए वर्ना बीमारियों का खतरा रहता है.

हालाकि  चीनी डॉ का मानना है की डिस्पोसेबल डाइपर का इस्तेमाल ज्यादा अच्छा है.

 

 

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